क्या हाथ धोने के फायदे और इसका सही तरीका जानते हैं आप

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why handwashing is important in hindi

अध्ययनों से पता चलता है कि अधिकांश लोग सिर्फ छह सेकेंड ही हाथ धोते हैं, जबकि जानकार मानते हैं कि आपको कम से कम 20 से 30 सेकेण्ड तक हाथ धोने चाहिये। अच्छी तरह हाथ नहीं धोन से कीटाणु पूरी तरह नष्ट नहीं होते। और इससे हमें कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा बना रहता है।

क्या आप ठीक से धोते हैं हाथ?

अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने एक अध्ययन के बाद बताया कि ज्यादातर लोग सिर्फ छह सेकेंड ही हाथ धोते हैं। जबकि कम से कम 20 से 30 सेकेंड हाथ धोने चाहिए। और सिर्फ हाथ धोना ही नहीं, सही प्रकार से हाथ धोना भी जरूरी है। क्योंकि बार-बार गलत तरीके से हाथ धोने पर इन जीवाणुओं की प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है और फिर इन साबुन में मौजूद जीवाणुरोधी रसायन इन पर असर ही नहीं करते।

हाथ धोने का सही तरीका

ध्‍यान रखें कि हाथ धोते समय अच्‍छी तरह झाग बनाया जाए। इस दौरान हाथों को दोनों ओर से नाखूनों और उंगलियों के बीच से भी अच्‍छी तरह साफ करें। साफ करने के बाद पानी से अच्‍छी तरह से हाथ धोएं और फिर एक साफ व सूखे तौलिये से हाथ साफ करें।

लिक्‍विड सोप करें इस्तेमाल

हाथ धोने के लिए लिक्विड सोप का इस्‍तेमाल सबसे अच्छा होता है। यह सामान्‍य साबुन के मुकाबले कीटाणुओं से लड़ने में अधिक शक्तिशाली होता है। यह बार बार अलग – अलग इंसानों के हाथों के सीधे संपर्क में नहीं आता।

रखें ध्‍यान

शौचालयों, खासतौर पर सार्वजनिक शौचालय के दरवाजे के हैंडल पर भी काफी कीटाणु होते हैं। इसलिए हाथ धोने के बाद सीधा इन हैंडलों को न छुएं। ऐसा करने से उस पर मौजूद कीटाणु आपके हाथ पर लग जाएंगे और फिर हाथ धोने का कोई फायदा नहीं होगा। किसी चीज से पकड़ कर दरवाजा खोलें।

कब-कब धोयें हाथ

अपने बच्‍चे को सिखायें और खुद भी आदत डालें कि शौच के बाद, खाने से पहले और बाद हमेशा हाथ साबुन से जरूर धोयें। यह एक अच्‍छी आदत है और इससे आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहता है।

कितनी देर धोएं हाथ

साबुन से अच्‍छी तरह झाग बनाकर करीब 20 सेकेंड तक हाथ धोना चाहिेए। जरूरी नहीं कि आप हमेशा ही एंटी बैक्‍टीरियल साबुन का ही इस्‍तेमाल करें। किसी भी साबुन से ठीक प्रकार हाथ धोने पर वह कीटाणुओं को मारने में कारगर हो सकता है।

हाथ गुनगुने पानी से धोएं

हाथ अगर गुनगुने पानी से धोए जाएं तो सबसे अच्छा रहता है। इससे अधिक संख्‍या में कीटाणु मरते हैं और हाथ भी कोमल और कीटाणुरहित बनते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि पानी अधिक गर्म न हो। अधिक गर्म पानी से त्‍वचा को नुकसान हो सकता है।

साफ तौलिये का उपयोग करें

हाथ अच्छी तरह धोकर उसे पहने हुए कपड़ों, जेब में रखे रूमाल अथवा आंचल आदि से नहीं पोंछना चाहिए। इनमें कीटाणु मौजूद होते हैं, जो गीले हाथों में चिपक जाते हैं। इ सके लिए साफ-सुथरा ठीक प्रकार सुखाए हुआ तौलिया ही प्रयोग करें।

हाथ ऊपर की ओर सुखाएं

अमूमन लोग साबुन से हाथ धोकर हाथों में बचे पानी को नीचे की ओर बहने देते हैं। इससे हथेलियों के कीटाणु उंगलियों की पोर में आ आते हैं। इसलिए हाथ धोकर हाथों को थोड़ी देर कर ऊपर की ओर रखना चाहिए।

धोने के बाद

हाथ धोने के बाद उसे तौलिये से पोंछ लें। लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि आपका नन्हा बच्‍चा या आप जिस तौलिये से हाथ साफ कर रहा है वह साफ और सूखा है। गंदे तौलिये से हाथ साफ करने से बच्‍चे के हाथ पर दोबारा कीटाणु जमा हो सकते हैं।